Home INDIA PRSI IPRA Global Alliance PRSI Chapters Contact Us
» Public Relations in India
» PRSI Leadership Awards
» PRSI National Awards
» PRSI Chapter Awards
» PRSI National Executive
» PRSI National Council Members
» National Cooperative PR
» PRSI Membership Form
  Play Song
» Lyrics in Hindi
» Lyrics in English
Lyrics in Hindi

जन-सम्पर्क गीत

जन –जन से सम्पर्क बनाने वाले हम ।
आशाओं की किरण जगाने वाले हम ॥

नगर-नगर ये ग्राम और ये गलियारे
भरने इनमें नवजीवन के उजियारे

हम दुहराते फिर-फिर अपनी यही कसम ।

हमें हटाना घर –घर से अँधियारा है
हमें तोड़नी पाखण्डों की कारा है

सच को कहने वाली चलती रहे कलम ।

कदम मिलाकर नर-नारी सब ओर बढें
ज्ञान और विज्ञान नए सोपान चढ़ें

देना है सन्देश यही हमको हरदम ।
………………………………………॥

डा0 मनोहर प्रभाकर

All right reserved 2006
Public Relations Society of India (PRSI)
Home :: Join PRSI :: Feedback :: Contact Us :: Site Map
Website Designing & Web Hosting by Hans Cyber Technologies